सेवादार जयकुमार ने डासना थाने में दोनों संदिग्धों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। पुलिस केस की जांच में जुट गई है।
गाजियाबाद के प्रसिद्ध डासना मंदिर के सेवादार और सन्यासी को बुधवार रात धमकी मिली है। दो संदिग्ध युवकों ने पहले पीछा किया, फिर रोककर मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। बता दें कि इसी मंदिर में दो जून को पहचान छिपाकर घुसे दो संदिग्धों से पूछताछ में धर्मांतरण का मामला सबसे पहले सामने आया था, जिसके बाद पूरे यूपी में कई जगहों पर धर्मांतरण प्रकरण को लेकर खुलासे हुए। मसूरी थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
धर्मांतरण मुकदमा वापस लेने की धमकी
डासना के शिव शक्ति धाम में बागपत के गांव कैलवा निवासी जयकुमार सेवादार हैं। वह सन्यासी पंकज के साथ बुधवार रात 9.40 बजे बाजार से मंदिर की तरफ लौट रहे थे। हापुड़ चुंगी से दो संदिग्ध व्यक्तियों ने उनका पीछा करना शुरू किया। डासना पेट्रोल पंप के समीप संदिग्धों ने दोनों को रोक लिया। कहा कि मंदिर कमेटी की ओर से विपुल विजयवर्गीय के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज कराया गया है, उसे वापस ले लें, वरना अंजाम बुरा होगा। सेवादार जयकुमार ने डासना थाने में दोनों संदिग्धों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। पुलिस केस की जांच में जुट गई है।
मंदिर में नाम बदलकर घुसे थे दो संदिग्ध
धमकी भिजवाने में जिस विपुल विजयवर्गीय का नाम लिया गया है, वह नागपुर का रहने वाला है। विपुल दो जून की रात काशी गुप्ता उर्फ कासिफ के साथ डासना मंदिर में घुस आया था। तलाशी में सर्जिकल ब्लेड, दवाएं और धार्मिक पुस्तक मिलने पर दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पूछताछ में पता चला कि विपुल विजयवर्गीय का धर्मांतरण के बाद सही नाम रमजान और काशी गुप्ता का नया नाम कासिफ है। विजय पूरे देश में घूमकर यूनानी इलाज के बहाने इस्लाम का प्रचार-प्रसार कर रहा था। एटीएस को इस केस की जांच सौंपी गई। इसके बाद इस्लामिक दावा सेंटर दिल्ली से जुड़े कुछ और लोग गिरफ्तार किए गए जो धर्मांतरण करा रहे थे।
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