स्मार्ट रोड के फुटपाथ भी बेहद स्मार्ट बनाए जा रहे हैं, लेकिन घटिया निर्माण ने इस रोड का पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अब तक 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम खर्च कर की जा चुकी है। शहर की पहली स्मार्ट रोड बनाने का काम भी शुरू किया गया। लेकिन ये रोड बनने से पहले ही उखड़ने लगी है। इसमें लगाई गई महंगी टाइल्स जगह-जगह से उखड़ रही है। रोड के बीच-बीच में काम अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं सरिया निकली है तो कहीं गड्ढे हो गए हैं। मार्च-2020 में रोड का काम पूरा होना था, लेकिन अभी तक नहीं हो पाया। ये कानपुर की 34.50 करोड़ रुपए से 2.3 किमी की सबसे महंगी रोड है।
घटिया निर्माण दिखा रहे भ्रष्टाचार
स्मार्ट सिटी के तहत 10 मार्च 2019 को इसका शिलान्यास किया गया था। मार्च-2020 में इसका काम पूरा किया जाना था। मौजूदा समय में 90 परसेंट काम पूरा हो पाया है। स्मार्ट रोड में बेहद घटिया निर्माण किया जा रहा है। इसको लेकर कमिश्नर डा. राज शेखर ठेकेदार को फटकार भी लगा चुके हैं। एंटी स्कीट टाइल्स अभी से जगह-जगह उखड़ गई हैं और कहीं छोड़ दी गई है।
टाइल्स अभी से उखड़ने लगी है। यूटिलिटी डक्ट भी शिफ्ट नहीं की गईं।
डक्ट का निर्माण भी ठीक नहीं
स्मार्ट रोड में सबसे महत्वपूर्ण है कि इसमें फुटपाथ के नीचे डक्ट बिछाई गई हैं। ताकि तारों को डालने के लिए बार-बार रोड की खुदाई न की जाए। लेकिन इस काम में भी भरपूर लापरवाही बरती गई है। जगह-जगह काम छोड़ दिया गया है। इसके अलावा पाइप लाइन के ऊपर ही रोड बना दी गई। भविष्य में लीकेज होने पर रोड को भारी नुकसान होगा।
गंदगी और घटिया निर्माण इसकी पहचान बन गई है।
कैसे निकलेंगे दिव्यांग?
स्मार्ट रोड के फुटपाथ के बीच में वाटर लाइन का वॉल्व है, जगह-जगह गैप है ऐसे में दिव्यांग इस पर कैसे चल सकेंगे। जबकि रोड बनाने में इसका खास ध्यान रखा गया था। इसके अलावा रोड किनारे बड़ी मात्रा में कड़ा फेंका जाता है, इसको भी नगर निगम साफ नहीं करता है। रोड पर मुर्गा मंडी तक लगने लगी है। इस मामले में नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि स्मार्ट रोड का काम आखिरी चरण में हैं, कहीं कोई खामी है तो उसका दूर कराया जाएगा।
आंकड़ों में स्मार्ट रोड
- 34.50 करोड़ से बन रही है स्मार्ट रोड।
- 2.3 किमी. स्मार्ट रोड बनाई जा रही है।
- 10 मार्च 2019 को हुआ था शिलान्यास।
- 2020 मार्च में कंपनी को काम खत्म करना था।
- 90 परसेंट काम अब तक पूरा हो पाया।
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